कब तक मरते रहेंगे जवान देश के गद्दारों से और देश के दुश्मनो से? अब सब्र का बाँध टूट रहा, एक बार आर पार की लड़ाई होनी चाहिए। मिटा दो दुनिया के नक़्शे से पाकिस्तान का नाम। यह किस्तों में हमारे जवानो की मौत और उस पर आंसूं बहाने, उनको श्रद्धांजलि देने के बजाये जब न्यूज़ चैनल्स को आतंक और उनके समर्थकों को महिमामंडित करते देखता हूँ तो खून खौल उठता है ऐसे पत्रकारों एवं बुद्धिजीविओं के खिलाफ जो पाकिस्तान के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उनके लिए राष्ट्रभक्ति एक मजाक का विषय है। राष्ट्रभक्त उनके लिए संघ और भाजपा के सदस्य नजर आते हैं। उन्हें हिन्दू शब्द से घृणा है। उन्हें वन्दे मातरम से द्वेष है। ऐसी अभियक्ति की आज़ादी किस काम की जो लोगों को अपने देश के खिलाफ काम करना सिखाती हो, जो देश के दुश्मनो का हाथ मजबूत करती हो। देश पर शहीद उन जवानो की माताएं छाती पीट पीट कर रो रही हैं और ये निर्लज अपने टीवी चैनल पे गद्दारो और दुश्मनो की पैरवी कर रहे हैं। लानत है ऐसे प्रजातंत्र पर, ऐसे लचर क़ानून पर जो जे एन यु में बैठे गद्दारों को सजा दिलाने या गिरफ्तार करके काल कोठरी में भेजने में नाकाम हो। मित्रों देश की आन और शान अब हम नौजवानो के हाथों में है। अपनी ताकत को पहचानो और ऐसे गद्दारों और देश के दुश्मनो को चिन्हित करो और उनका सामाजिक और सामूहिक बहिष्कार करो। लोगों में जागृति पैदा करो। अब देश में वामपंथी, कांग्रेसी एवं आम आदमी पार्टी जैसे गद्दार पार्टियों को कभी वोट न देना। आप अगर मेरी बात से सहमत हों तो अपनी सहमति हमारे देश के प्रति श्रद्धा के रूप में 'वन्दे मातरम' लिख कर कमेंट बॉक्स में डालें एवं ज्यादा से ज्यादा इस पोस्ट को शेयर करके आगे बढ़ाएं ! धन्यवाद मित्रों !
Tuesday, February 23, 2016
देशद्रोही सुरों को कुचल डालो
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