पापा आज मुझको रोता देख आप भी बिलख पड़े
फ़ोन पर आपका फफक कर रो पड़ना
न जाने कितने जवाब छुपे थे मेरे बरसों के सवालों के
आज जब आप लाचार पड़े हो तो कितना रो रहा है दिल
जो कल तक आपको कोसते कोसते थकता न था
दिल में आस लिए बचपन से जवान हो गया
कि पापा हम लोगों को वो प्यार देंगे
जो हर बच्चा अपने पापा की आँखों में देखना चाहता है
जो हर बच्चा अपने पापा की बातों में सुनना चाहता है
पापा बरसों बरस इतंज़ार के बाद भी
जब वो प्यार वो सहारा वो अपनापन न मिला हमें
तो अपने बचपन का और जवानी का गला घोंट
खुद को और भाई बहनो को संभालने की कोशिश की
गिरते सँभलते आधे अधूरे सफल भी हुए
माँ के आंसुओं को कभी समझा तो कभी
समझने में नाकाम रहा
उनकी होठों पे हँसी को सदा ही तरसता रहा
पापा मन में बड़ी कड़वाहट थी आपके लिए
प्यार नहीं आता था मन में
पर नफ़रत भी कर नहीं पाता था
पिछली दफा जब आप बीमार से कमजोर से
लगे थे मुझे, बड़ा आश्चर्य हुआ था जब
आपने मेरे ऊपर कम्बल डाला था
आपने सोचा मैं सो रहा हूँ
पर मैं जाग रहा था और
खुशियों से आँखें छलछला उठी थी।
पापा आपके लिए कुछ कर पाता
उससे पहले काफी देर हो गयी है
काश कि ये प्यार आपने पहले दे दिया होता हमें
हम अपनी जान भी आप पर कुर्बान कर देते
मगर हम जीवन भर आपको कोसते रहे
रोते रहे, सहमते रहे, सिसकते रहे।
काश कि वक़्त का पहिया हम मोड़ सकते
काश कि आपके साथ रोज हँसते मुस्कुराते
काश कि आपके सुख दुःख साझा कर पाते
आज आपके रूंधले गले की आवाज़
यह अहसास कराती है कि
एहसास आपको भी है कि
न सिर्फ हमने बल्कि आपने भी
कितना कुछ खोया है
बच्चो और पत्नी के प्यार से अनमोल कुछ भी नहीं
वैसे ही जैसे माँ बाप के प्यार से अनमोल कुछ भी नहीं।
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फ़ोन पर आपका फफक कर रो पड़ना
न जाने कितने जवाब छुपे थे मेरे बरसों के सवालों के
आज जब आप लाचार पड़े हो तो कितना रो रहा है दिल
जो कल तक आपको कोसते कोसते थकता न था
दिल में आस लिए बचपन से जवान हो गया
कि पापा हम लोगों को वो प्यार देंगे
जो हर बच्चा अपने पापा की आँखों में देखना चाहता है
जो हर बच्चा अपने पापा की बातों में सुनना चाहता है
पापा बरसों बरस इतंज़ार के बाद भी
जब वो प्यार वो सहारा वो अपनापन न मिला हमें
तो अपने बचपन का और जवानी का गला घोंट
खुद को और भाई बहनो को संभालने की कोशिश की
गिरते सँभलते आधे अधूरे सफल भी हुए
माँ के आंसुओं को कभी समझा तो कभी
समझने में नाकाम रहा
उनकी होठों पे हँसी को सदा ही तरसता रहा
पापा मन में बड़ी कड़वाहट थी आपके लिए
प्यार नहीं आता था मन में
पर नफ़रत भी कर नहीं पाता था
पिछली दफा जब आप बीमार से कमजोर से
लगे थे मुझे, बड़ा आश्चर्य हुआ था जब
आपने मेरे ऊपर कम्बल डाला था
आपने सोचा मैं सो रहा हूँ
पर मैं जाग रहा था और
खुशियों से आँखें छलछला उठी थी।
पापा आपके लिए कुछ कर पाता
उससे पहले काफी देर हो गयी है
काश कि ये प्यार आपने पहले दे दिया होता हमें
हम अपनी जान भी आप पर कुर्बान कर देते
मगर हम जीवन भर आपको कोसते रहे
रोते रहे, सहमते रहे, सिसकते रहे।
काश कि वक़्त का पहिया हम मोड़ सकते
काश कि आपके साथ रोज हँसते मुस्कुराते
काश कि आपके सुख दुःख साझा कर पाते
आज आपके रूंधले गले की आवाज़
यह अहसास कराती है कि
एहसास आपको भी है कि
न सिर्फ हमने बल्कि आपने भी
कितना कुछ खोया है
बच्चो और पत्नी के प्यार से अनमोल कुछ भी नहीं
वैसे ही जैसे माँ बाप के प्यार से अनमोल कुछ भी नहीं।
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